*प्रेस विज्ञप्ति*
*नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2026*
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*विषय: 'स्वास्थ्य के नाम पर स्कैम' – बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल का राष्ट्र के नाम संदेश*
*भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय* पर चर्चा के दौरान *डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच* के *राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल जी* ने देश में चल रहे *'मेडिकल टेररिज्म'* पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
*बाबूजी का उद्बोधन – मुख्य बिंदु:*
*1. बुखार से मौत का व्यापार:*
_"2 दिन के बुखार को 11 दवाइयों की दुकान बना दिया गया। शरीर खुद ठीक होता है, पर डॉक्टर ने जांचों का जाल बिछाकर स्वस्थ आदमी को 'मरीज' घोषित कर दिया।_
_कोलेस्ट्रॉल, शुगर, BP की सीमाएं बार-बार घटाई जा रही हैं – 1979 में 200 शुगर वाला ठीक था, आज 140 वाला डायबिटिक। क्यों? ताकि 50% भारत दवा खरीदे।_
_ये इलाज नहीं, ग्राहक बनाने की फैक्ट्री है।"_
*2. WHO से वॉल स्ट्रीट तक का गठजोड़:*
_"2012 में US कोर्ट ने एक दवा कंपनी पर 3 अरब डॉलर जुर्माना लगाया – उनकी डायबिटीज की दवा से 43% हार्ट अटैक का खतरा था।_
_पर कंपनी ने 300 अरब डॉलर कमा लिए। जुर्माना बिजनेस का हिस्सा है, आपकी जान का नहीं।_
_WHO और ADA की गाइडलाइन दवा कंपनियां लिखती हैं, डॉक्टर पढ़ते हैं, और जनता भुगतती है।"_
*3. भय का इंजेक्शन सबसे खतरनाक:*
_"डॉक्टर ने कहा 'प्री-डायबिटिक हो' – आप डर गए। नींद उड़ी – नींद की गोली दे दी।_
_एसिडिटी हुई – और गोली।_
_11 दवाइयों के बाद किडनी खराब – तो 'किस्मत खराब' बता दिया।_
_अरे! बीमारी ने नहीं, इलाज ने मारा।_
_डॉ. मुखर्जी कहते थे – 'भय से बड़ा कोई रोग नहीं'। आज भय ही सबसे बड़ा बिजनेस है।"_
*4. मंच का गहन अनुसंधान – 3 निष्कर्ष:*
_डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच ने 2 साल के अध्ययन के बाद पाया:_
*क. 67% 'बीपी-शुगर के मरीज'* सिर्फ लैब रिपोर्ट के हैं, लक्षण के नहीं।
*ख. 80% दवाइयां* जीवनशैली बदलने से बंद हो सकती हैं।
*ग. हर 100 रुपये की दवा में 70 रुपये* मार्केटिंग, कमीशन और डर का है।_
*5. निर्णायक भूमिका – मंच का 5 सूत्रीय समाधान:*
*1. 'दूसरी राय कानून'* – 3 दवा से ज्यादा लिखने पर दूसरे डॉक्टर की राय अनिवार्य हो।
*2. 'स्वस्थ भारत मिशन'* – हर जिले में योग-आयुर्वेद-प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र। दवा नहीं, दिनचर्या।
*3. 'लैब लूट बंद'* – कोलेस्ट्रॉल, शुगर की सीमा 1979 वाली करो। स्वस्थ को मरीज बनाना अपराध घोषित हो।
*4. 'डॉक्टर-फार्मा गठजोड़ तोड़ो'* – दवा कंपनी से गिफ्ट, टूर लेना गैर-जमानती अपराध।
*5. 'राष्ट्रव्यापी जागरण'* – मंच हर राज्य में 'स्वास्थ्य स्वावलंबन शिविर' लगाएगा। दवा मुक्त, भय मुक्त भारत।_
*बाबूजी का सीधा संदेश देशवासियों को:*
_"भाइयों-बहनों, शरीर भगवान का मंदिर है, मेडिकल स्टोर का गोदाम नहीं।_
_बुखार आया तो 2 दिन आराम करो, तुलसी-अदरक लो, पैदल चलो।_
_डॉक्टर के पास जाओ तो सवाल पूछो – 'क्या ये दवा जिंदगी भर खानी है?'_
_अगर हां कहे तो समझो वो इलाज नहीं, EMI चला रहा है।_
_योग अपनाओ – सुबह 30 मिनट प्राणायाम, 11 दवाइयों की छुट्टी।_
_मैं 78 साल का हूं, एक गोली नहीं खाता। क्योंकि मैं दवा पर नहीं, दुआ और दवा-परहेज पर भरोसा करता हूं।_
_डरना बंद करो। जांच के नंबर नहीं, अपने शरीर की सुनो।_
_याद रखो – दवा कंपनियां चाहती हैं तुम जिंदगी भर ग्राहक रहो।_
_मैं चाहता हूं तुम जिंदगी भर आजाद रहो।"_
*✅ इसे संभालकर रखें, 10 लोगों को भेजें*
*स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत*
*जय हिंद | वंदे मातरम् | भारत माता की जय*
*– प्रचार विभाग*
*डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच*
*जी 20/259, रोहिणी, नई दिल्ली*
*dspmrvm@gmail.com | 91-9414402558*
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*नोट:* _यह वक्तव्य किसी योग्य चिकित्सक की सलाह का विकल्प नहीं है। गंभीर लक्षणों में डॉक्टर से मिलें, पर 'दवा का गुलाम' न बनें। जागरूक बनें, स्वस्थ बनें।_ 🚩
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